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Showing posts from May, 2020

ISRO Previous Year Questions Paper 2016

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1. Various alloying elements are added to produce different alloys steels, which one of the following combinations of alloy elements is used in HSS? (a) Chromium, Nickel and Molybdenum (b) Nickel, Molybdenum and Silicon (c) Chromium, Vanadium and Manganese (d) Chromium, Vanadium and Tungsten 2. It is required to finish grind a diamond 50mm hardened steel shaft on a cylindrical grinding machine, if the recommended surface speed of the work is 30 m/min,then r.p.m of the work is ? (a) 190 (b) 150 (c) 210 (d) 250 3. Which gear arrangement used to change the circular motion of horizontal to vertical without change in speed ratio? (a) Two spur gear (b) Two helical gear (c) Two bevel gear (d) Worm and worm gear 4. Indexing head mechanisms works with? (a) Rack and Pinion (b) Worm and Worm gear (c) Two helical gear (d) Two bevel gear 5. Which one of the bushes used in a drill jig permits tools of different diameter? (a) Press f...

ISRO Previous Year Question Paper 2015

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    1.      Unit of energy is    (a)-Watt       (b)- Newton     (c)-Newton per meter    (d)- Joule  2.   Unit of current is     (a)-Volt         (b)-Ohm        (c)- Ampere        (d)-joule   3.     Convert 60 degree Celsius to fahrenheit    (a)100 F        (b) 140 F        (c)160 F            (d)172 F   4.    Kelvin is the unit of       (a)-Power      (b)-Energy     (c)- Temperature      (d)-None of these   5.   The least count of vernier caliper is         (a)0.1mm    ...

Planer Machine प्लेनर मशीन

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Introduction- 1750 के दशक में फ्रांस में प्रारंभिक योजना के विचार चल रहे थे।1810 के अंत में विभिन्न ब्रिटिश कारख़ानों में कई अग्रदूतो ने प्लानर को विकसित किया,इसका सटीक विवरण विवादास्पद है।  कार्य :-   प्लेनर भी शेपर के जैसे ही फ्लैट सतह बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।इसमें भी सिंगल पॉइन्ट कटिंग टूल का प्रयोग किया जाता है। • शेपर की तुलना में प्लेनर बहुत बडा होता है। • बड़े जॉब को ब्लेड कहते हैं। • इसमें जॉब को टेबल पर क्लेंप करके टेबल को रेसिप्रोकेट कराया जाता है तथा टूल को क्रॉस फ़ीड दिया जाता है। विवरण :- (1) जॉब के अधिकतम साइज़ के आधार पर जो टूल के नीचे रेसिप्रोकेट कर सकता है। (2) नम्बर ऑफ स्पीड फ़ीड के अनुसार (3) नेट वाइड ऑफ मशीन आपरेशनस :- 1. प्लानिंग फ्लैट ,होरिज़ोंटल ,वर्टिकल सर्फेस 2. स्लोट्स और ग्रुवस प्लेनर के प्रकार :- 1. डबल हाऊसिंग प्लानर या स्टैंडर्ड  प्लेनर 2. ओपन साइड प्लेनर 3. डीवीडेड टेबल  प्लेनर 4. पिट प्लेनर 5. एज और प्लेट प्लेनर मशीन 

Shaper Machine शेपर मशीन

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Introduction -  शेपर का आविष्कार सैम्युअल बेंथम ने 1791-1793 के बीच किया था शेपर एक रेसिप्रोकेटिन्ग टाइप (आगे-पीछे )मशीन है। जिसका प्रयोग फ्लैट सतह बनाने के लिए किया जाता है।इसमें टूल को रेसिप्रोकेसॉन गति पर प्रत्येक कटिंग स्ट्रोक के बाद जॉब को फीड दिया   जाता है।जिससे जॉब के अनकट लेयर को मशिनिंग किया जाता है। • इस मशीन पर लगातार कटिंग नही होता रुक-रुक कर कटिंग होता है,केवल कटिंग स्ट्रोक के दौरान जबकि रिटर्न स्ट्रोक में टूल कटिंग नही करता है इसलिये इसे रुक-रुक कर कटिंग आपरेशन कहा जाता है। • इसका कटिंग टूल लेथ के जैसा ही सिंगल पॉइंट कटिंग टूल होता है। • जॉब का अनकट लेयर लाने के लिए रैचेट एन्ड पौल मकेनीस्म का उपयोग किया जाता है जो टेबल को क्रॉस वाइज़ चलाता है। शेपर मशीन के मुख्य भाग 1. Base बेस 2. Table टेबल 3. Ram रैम 4. ToolHead टूल हैड 5. CrossRail क्रॉस रेल शेपर मशीन मकेनीस्म 1. ड्राईविंग मकेनीस्म 2. फ़ीड मकेनीस्म 3. क्विक रिटर्न मकेनीस्म- कटिंग टाईम:रिटर्न टाईम =3:2 शेपर वर्गीकरण • स्ट्रोक या कट के अधिकतम लम्बाई के अनुसार • टेबल के साइज़ के अनुसार • नम...

Special Files for Fitter

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1 -नीडल फाइल्स - यह बहुत ही बारीक ग्रेड फाइल्स होती हैं ,ये सेट में मिलती हैं , एक सेट में 6 ,8 ,10 ,12 फाइल्स होती  हैं जिसकी शेप अलग -अलग होती  हैं  इनका प्रयोग बिना हैंडल के किया जाता है ,इनकी टैंग गोल होती है तथा नर्लिंग की होती है  साइ ज  - यह 100 मिमी से 200 मिमी लम्बी होती है  प्रयोग -इनका प्रयोग टूलमेकर, घड़ीसाज़,गहने आदि बनाने के लिए किया जाता है  2 - डाईसिंकर्स फाइल्स -इसका प्रयोग गहराई वाले स्थान पर किया जाता है ,जहाँ साधारणफाइल्स काम नही करती सकती  हैं  प्रयोग -इन फाइल्स का उ पयोग डाई मेकर द्वारा डाईमेकिंग ,सिल्वरस्मिथ  कार्य के लिए कियाजाता है  3 - बैरेट फाइल्स -इस फाइल का क्रॉससेक्शन flat triangular होता है ,इसके केवल चौड़े फेस पर ही दांते कटे होते हैं  प्रयोग - इसका प्रयोग शार्प कॉर्नर को फिनिश करने के लिए किया जाता है   4 - टिंकर फाइल्स - यह आयताकार क्रॉससेक्शन की फाइल होती है इसके केवल नीचे सतह पर दांते कटे होते है इन्हें एक विशेष प्रकार के होल्डर में पकड़कर प्रयोग किया ज...

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